Archive for the ‘Fun Zone’ Category

मेरी एतिहासिक होली

Thursday, April 7th, 2011

मुझे होली बहुत अच्छी लगती है और शायद मैं उन लोगों में से हूँ जो सारा दिन होली के हुडदंग में शामिल होते हैं,  सारे शहर में घुमते हैं, सबसे मिलते हैं. पिछली होली पर मैं बहुत उत्साहित था वैसे तो मैं हर होली पर ही उत्साहित रहता हूँ पर पिछली बार होली से एक दिन पूर्व मुझे एक मशीन मिली वो भी ऐसी वैसी मशीन नहीं थी, पूरी जादूई मशीन थी, उसका प्रयोग करके हम अपने भूत भविष्य में आ जा सकते थे

तो मैंने सोचा क्यों न भूत काल में ही घूम आऊं  और होली खेल लूँ पता नहीं किस के साथ खेलने का मौका मिल जाए. मैंने मशीन का प्रयोग किया और उसका बटन दबा दिया …………

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हे भगवान्, तुम ऐसे पिता किसी को भी मत देना………. !

Wednesday, April 6th, 2011

आप लोग हो सकता है मेरे इस कथन पर आश्चर्य व्यक्त करें या मुझे बड़ा ही नालायक और कपूत समझें परन्तु मैं ये बात बिलकुल मन से कह रहा हूँ की भगवान् मेरे जैसे पिता किसी को न दे. अरे ऐसे पिता का क्या फायदा जिससे जीवन के हर पग पर कष्ट ही मिला हो और कभी भी पिता होने की अनुभूति न हुई हो. मैं बचपन से आजतक अपने पिता को झेलता आया हूँ और वास्तव मैं देखा जाए तो मैं ही नहीं उन से जुड़ा हर व्यक्ति उन्हें झेल ही रहा है. कोई एक विषय या एक घटना हो तो आदमी भूल भी जाए परन्तु जब रोज ही नयी नयी बातें होती हों तो आदमी कैसे भूल सकता है. मुझे नहीं पता मेरे दादाजी ने उन्हें कैसे झेला था क्योंकि मेरे होश सँभालने से पहले ही स्वर्गारोहण के लिए निकल गए थे.

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शायद ज़िन्दगी बदल रही है!!

Thursday, October 14th, 2010

शायद ज़िन्दगी बदल रही है!!

जब मैं छोटा था, शायद दुनिया बहुत बड़ी हुआ

करती थी..

मुझे याद है मेरे घर से “स्कूल” तक का वो

रास्ता, क्या क्या नहीं था

वहां, चाट के ठेले, जलेबी की दुकान, बर्फ के

गोले, सब कुछ,

अब वहां “मोबाइल शॉप”, “विडियो पार्लर” हैं, फिर भी सब सूना है..

शायद अब दुनिया सिमट रही है…

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Ant and the Grasshopper, India is still a developing country………..!

Sunday, September 5th, 2010

Old Story:

The Ant works hard in the withering heat all summer building its house and
laying up supplies for the winter. The Grasshopper thinks the Ant is a fool
and laughs dances plays the summer away. Come winter, the Ant is warm and
well fed. The Grasshopper has no food or shelter so he dies out in the
cold.

New Indian Version:

The Ant works hard in the withering heat all summer building its house and
laying up supplies for the winter. The Grasshopper thinks the Ant’s a fool
and laughs dances plays the summer away.

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A poem in Hindi – 2

Tuesday, July 27th, 2010

A poem in Hindi

AKELAPAN

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